नशा करता है सत्यानाश

आजकल नशा करना एक फैशन सा बन गया है बच्चे जवान  बुड्ढे सभी इस बुराई को बहुत तेजी से ग्रहण कर रहे हैं शराब की दुकानों पर बहुत लंबी-लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं  तथा लोग गुटखे पान सुपारी अफीम गांजा तरह तरह के नशे करते हैं। अमीर घर के अच्छे अच्छे लड़के लड़कियां भी इस नशे के शिकार हो चुके हैं वह भी क्लब बार में जाकर शराब पीते हैं तथा अलग-अलग प्रकार के नशे करते हैं कॉलेज के लड़के  तो लोग ड्रक्स इत्यादि का नशा भी करते हैं। और इससे फैशन समझते हैं अपना करियर बनाने की उम्र में वह नशे का शिकार बनकर अपने जीवन के दुश्मन बन गए हैं।

    नशे के दुष्प्रभाव

नशा करने वाले अधिकतर व्यक्ति नशे में धुत होकर ऐसे ऐसे अपराधों को अंजाम देते हैं जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कई लोग तो नशे में इतना डूब जाते हैं कि अपनी पत्नियों को डंडे से पीट-पीटकर ही मार डालते हैं कई अपने बच्चों के साथ गलत व्यवहार करते हैं तथा उन्हें  पीटते हैं इस नशे के कारण कई घर उजड़ गए कई परिवार सड़क पर आ गए और कई लोगों ने तो नशे के कारण खुदकुशी ही कर ली। नशा करने वाले का परिवार कभी सुखी नहीं रहता क्योंकि अगर एक मजदूर नशा करता है तो वह अपने ज्यादातर पैसे नशे की वस्तु लाने में खर्च कर देता है जिससे उसके बच्चे और पत्नी तथा अन्य परिवार जनों का भरण-पोषण सही से नहीं हो पाता और वह पैसे के लिए हमेशा तरसते रहते हैं परिवार वालों को दो समय की रोटी भी टाइम पर नसीब नहीं होती है कई कई राते तो  वह भूखे ही सो जाते हैं और नशा करने वाले व्यक्ति को इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता वह तो अपने नशे में मस्त रहता है नशे से व्यक्ति अपना स्वयं का शरीर भी खराब कर लेता है उसे कैंसर जैसी भयानक बीमारियां लग जाती है जिसका इलाज तक संभव नहीं है।

 नशा करने वाला व्यक्ति अपनी इज्जत समाज में भी खो देता है कोई व्यक्ति उसे पसंद नहीं करता क्योंकि वह नशे में अपशब्द बोलता है नशा करने वाले व्यक्ति के घर वालों को कोई पैसे उधार भी नहीं देता क्योंकि उन्हें पता है की नशा करने वाला उनके पैसों का भी नशा करने के लिए ही प्रयोग करेगा अच्छे धार्मिक कार्यों के लिए नहीं।

नशे को रोकने में सरकार विफल 

नशे को रोकने के लिए सरकार द्वारा बहुत से उपाय किये जा रहे हैं सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं तथा सरकार लोगों को नशा न करने के लिए जागरूक भी करती है परंतु फिर भी सरकार नशा रोकने में नाकाम रही है। क्योंकि जिसको नशा करने की आदत पड़ जाती है वह इसे नहीं छोड़ता।

नशे को छोड़ने की एक पहल

नशा छोड़ने की एक मुहिम संत रामपाल जी महाराज द्वारा भी चलाई जा रही है उनके अनुयायियों में कोई नशा नहीं करता है उनके अनुयाई किसी भी प्रकार का न तो नशा करते हैं और ना ही किसी भी प्रकार के नशे की वस्तु को हाथ लगाते हैं तथा दूसरे लोगों को भी नशा न करने की सलाह देते हैं तथा नशा करने से होने वाले नुकसान को बताते हैं अगर कोई नशे को छोड़ना चाहता है परंतु नहीं छोड़ पा रहा तो उसे एक बार संत रामपाल जी महाराज से नाम लेकर अवश्य देख लेना चाहिए क्योंकि संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि सत भक्ति में बहुत शक्ति होती है वह नशे जैसी लत को भी छुड़वा सकती है क्योंकि उनके कई अनुयाई नशा करते थे परंतु संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने के बाद उन्होंने नशा छोड़ दिया।

•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए

👉 साधना चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।
👉श्रद्धा MH One पर प्रतिदिन 2:00-3:00बजे।
👉ईश्वर चैनल पर प्रतिदिन 8:00-9:00बजे।

संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।

अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट पर जाएं 👇

आध्यात्मिक ज्ञान की पुस्तक
✓जीने की राह या
✓ज्ञान गंगा
इनमें से कोई सी भी एक पुस्तक नि:शुल्क मंगवाने के लिए अभी आर्डर करें।
नोट: यह पुस्तक 25 से 30 दिन में आपके घर के पते पर पहुंचा दी जाएगी।
निःशुल्क पुस्तक आर्डर करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें 👇


Comments